Tuesday, January 11, 2011

राम नाम कि लूट है प्यारे, लूट सके तो लूट

राम के नाम पे कुछ दे दे बाबा...मौला के नाम पे कुछ दे दे बाबा..अक्सर हम ऐसी आवाज़ ट्रेफिक सिग्नल के पास या किसी के मंदिर के आगे सुनते हैं और हम लोग जेब में से कुछ छुट्टे पैसे निकाल कर दे देते हैं| बस भगवान् के नाम पर लेनदेन की कहानी यहीं से शुरू हो जाती है और अब इसका व्यवसायीकरण हो चुका है| पर सोचने वाली बात यह है की सिग्नल पे खड़ा भिखारी खुद की परेशानिया न बताकर राम का नाम लेकर क्यूँ मांगता है| यह बात अब वह भी समझ चुका है की भारतीय जनता को राम के नाम पर ही लूटा जा सकता है| हालाँकि परोपकार करना या धर्म के नाम पे कुछ दान करना कतई गलत नहीं पर जरा सोचिये की अगर राम, कृष्ण, हनुमान इत्यादि  जैसे भगवान् के नाम का सहारा लेकर लोग आतंकवाद, राजनीती और तरह तरह के गैरकानूनी काम करें तो क्या इन लोगों का समर्थन हमें करना चाहिए?? अगर कोई पडोसी कुछ गलत करता है तो उसके खिलाफ सबसे पहले हम ही FIR दर्ज करते हैं पर कोई ढोंगी बाबा कुछ भी गलत करे हम उसे उसकी लीला मानते हैं| जी हाँ भगवान् के नाम का सहारा लेकर ही आज कई लोग जनता को बरगला रहें है और गैरकानूनी काम कर रहे हैं|सिग्नल पर राम नाम लेकर भीक मांगना तो एक छोटा सा चित्र है जहाँ भगवान के नाम पर लेन देन होता है पर अब यह ई कदम आगे बढ़ गया है| मंच पे बैठकर राम नाम के भजन गाना और कथा सुनना पहले एक धर्मार्थ का काम था पर आज इसका व्यवसायीकरण हो गया है| लोगों ने इसे भी धंधा बना दिया है| अब नए नए कथाकार आ गए हैं जो राम का नाम लेकर लोगों को लूटते है और अपने प्रभाव छेत्र से बहार निकलते ही जींस टी-शर्ट में आ जातें है और धर्म और कानून को ताक पे रखके सब गलत काम करतें है| कुछ कथा वाचकों ने तो ऐसे कम किये हैं जो की इंसानियत को तार तार कर के रख देती है| उनके ये काम भगवान् के नाम और साधुओं की शान को दागदार कर देते हैं| हाल ही में आये ऐसे वाकये इसका जीता जागता प्रमाण है| स्वामी नित्यानंद को आप लोग जानते ही होंगे| कर्नाटक के इस स्वामी की कई अष्लील क्लिपिंग जारी हुई जिसमे इसे कथित तौर पर तमिल कलाकार रंजीता के साथ अंतरंग अवस्था में देखा गया| इसको सन टीवी ने प्रसारित किया| उनके आश्रम में बाकायदा अनुबंध होता था जिसमें उल-जलूल और घुमावदार शब्दों का प्रयोग करके इन कामों के लिए राजी किया जाता था| और इस तरह से स्वामी यौन समागम के जरिये मोक्ष प्राप्त करने की बात कहता था| नित्यानंद पर बलात्कार, जमीन हड़पने, सोने की तस्करी करने, वन जीव सरक्षण कानून और विदेशी मुद्रा के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है पर उनका आश्रम इन सबसे इनकार करता है| क्या इस अपराधिक चव्वी के आदमी को स्वामी की संज्ञा दी जानी चाहिए??? पर इनके भक्त तो इनके इस कदर दीवाने हैं कि उन्हें यह सब दिखाई नहीं देता| ऐसे आरोपिओं कि फेहरिस्त लम्बी है| हाल ही में समझौता एक्सप्रेस मामले में स्वामी असीमानंद से पूछताछ हुई थी और अखबारों के अनुसार उसने अपना जुर्म कबूला| वो इन ब्लास्टों में किसी न किसी तरह शामिल था| सवाल तो ये है कि अगर वह स्वामी है तो जुर्म कैसा कबूला और अगर जुर्म कबूला तो स्वामी किस बात का?? साधू, कथावाचक, स्वामी जैसे शब्द अब धर्म से उतारकर अपराध, व्यवसाय आदि में आ गएँ है और साधू नाम कि आड़ लेकर लोग हर तरह के गलत काम बड़ी बेबाकी से कर रहें है| खुद गलत काम करके वो पूरी प्रजाति को कठघरे में ला खड़ा कर रहे हैं| साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पहले से ही मालेगांव बम्ब ब्लास्ट के केस में जांच के दायरे में है| अक्सर न्यूज़ चैनल में दिखाते रहते है कि आशाराम जी के आश्रम में बच्चों को काटा जा रहा है, बाबा राम रहीम मानव बम्ब तैयार कर रहे है| हाल ही में वृन्दावन के एक  कथावाचक कि एक इंसानियत को शर्म से झुका देने वाली घटना सामने आई| उसने अपनी पत्नी की 18 घंटे की ब्लू फिल्म बनायीं और अब इसे बाजार में बेचा जा रहा है| बताया जाता है की इसके देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी हजारो शिष्य थे| वाह..देसी बाबा, विदेशी हरकतें| अगर कोई लड़का,लड़की को छेड़ दे तो पब्लिक उसे पकड़कर पीटने लगती है पर उसी पब्लिक में से बहुत से लोग बाबाजी के प्रवचन सुनने जरुर जाते हैं| अगर नेताजी किसी घोटाले में लिप्त हो जातें है तो उन्हें अगली बार नकार दिया जाता है तो फिर इन आरोपी बाबाओं के भक्त दिन पर दिन इतने बढ़ते क्यूँ जाते हैं?? क्या धर्म के नाम पर हम लोग इतने अंधे हो गए हैं की सही और गलत का फर्क ही भूल गए हैं?? भगवान की चार बातें करने वाला अगर कोई गैरकानूनी और अमानवीय काम करेगा तो क्या हम बर्दाश्त कर लेंगे? जिस भगवान् राम ने शबरी के झूठे बेर खाए थे उसी राम के नाम की आड़ लेकर कोई औरतों पे जुर्म कैसे कर सकता है? सोचने की बात यह है की इसमें गलती किसकी है?? सिर्फ और सिर्फ हमारी| ठण्ड में ठिठुरते गरीब को 2 रुपये देने से पहले 200 बार सोचते हैं और कथा में जाकर हजारों रुपये बाबाजी पे न्योछावर कर देते हैं| कुछ लोग घर पर बुजुर्ग माँ बाप को नहीं पूछते और बाबा जी के पैर छूकर दान देते है और अपना काला धन सफ़ेद बना लेते है| इस काले धन का इस्तेमाल काले काम में होता है| आखिर क्यूँ चाहिए हमे उस पवित्र भगवान और हमारे बीच में एक ठेकेदार?? जो अपने घर की औरतों की इज्ज़त नहीं कर सकता वह क्या भला हमें राम नाम का जाप कराएगा? और क्या प्रभु भक्ति में तल्लीन होने का यही एक तरीका है? भगवान् को अगर खोजना ही है तो अपने माँ बाप के अन्दर खोजो, किसी गरीब की मदद करके उसकी हंसती हुई शकल में खोजो, अपने गुरु की शकल में खोजो जिनकी दी हुई शिक्षा की वजह से आप बाबा को दान देने के काबिल बने हो| पर अक्सर लोग गुरुओं की इज्ज़त न करके इन लोगों को ही गुरु मान लेते हैं जो खुद को भगवान् का अवतार बताते हैं|
हमें खुद के अन्दर सुधार लाना होगा और समझना होगा कि केवल लगन, इमानदारी, मेहनत और परोपकार( जो सच में उस लायक हो) से ही सफलता मिलती है नाकि बाबा जी के लम्बे चौड़े आशीर्वादों से| ऐसा नहीं है कि इस छेत्र में अच्छे लोग नहीं हैं, पर दिन पर दिन अच्छे लोगों कि संख्या कम होती जा रही है| लोगों ने इसे धंधा बना लिया है और ईश्वर की आड़ लेकर अपना उल्लू सीधा कर रहे है| लेकिन जागरूक हमें होना है| हमे धर्म की असली परिभाषा को समझना होगा और ईश्वर के मार्ग पे चलने के लिए खुद आगे बढ़ना होगा..न की किसी धर्म के ठेकेदार की मदद से| अब तय हम लोगों को करना है कि हम धर्म के सार को समझकर अपना काम इमानदारी से करते रहेंगे या फिर यूँही राम के नाम पर लुटते रहेंगे|
अब आखिर में मैं वही कहूँगा जो हमेशा कहता हूँ कि अगर मेरी इस लेख में आपको कुछ भी गलती नजर आये या इस लेख से किसी कि भी भावना आहत हुई हो तो मुझे तत्काल बताएं| मेरी मंशा किसी को ठेस पहुँचाना नहीं है| आपके सहयोग कि मुझे दरकार है| आप अपने विचार मुझे sagargujrati1@gmail.com पर अवय्श्य भेजें| मैं आपका स्वागत करता हूँ और मेरा लेख पढ़ने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया| मैं आपका आभारी रहूँगा| फिर मिलूँगा किसी नए लेख या साक्षात्कार के साथ |
आपका आभारी,
 सागर गुजराती

4 comments:

  1. aapne jo yaha mudda uthaya hai wo kaabile taarif hai par jo baatein hum pahle hi jaan jaate hai un baaton par gaur karna fizool samjhte hai ye hum aur aap yaani aamlog
    ......sach baat bolu dost apna ek naya soch viksit kiya jaye,jisme oj aur tej dono.yuva-soch ko prakhar banane me yogdaan diya jaye tabhi hum samjhenge hamne kuch kiya,,,,,patrkarita ko ek naya ayaam diya jaye,,,,,,,-------usde hum yuva hi kewal alag disha de sakte hai.........yuva swatantra awaj ko prakhar banao

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  2. baat sahi hai ki hum log sab jante hain, par amal kaun karta hai...aur pehle jo mudde hain unhe hi dhang se dekh liya jaye apne tarike se tab naye mudde uthaye jayenge...hum abhi us kaabil nahi ki naye mudde viksit karen..apke paas ho to jarur bataiyega.

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  3. Great Effort.. really appreciable.. all my best wishes.. and surely would like to contribute my experiences of Safe Surfing all across the country as well as Europe.. with readers...

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  4. Sagar ji aapke vichar padhakar hame aapke vichar achhe lage lekin mai ye aapko ek friend hone k nate aapko ad vice dena chahta hu ki aapne jo bhi likha hai wo keval electronic and print media se prapt information k base par likha hai.lekin mai ye bat aapko kahunga ki please aaj kal ye baate kyo media nikalti hai aur wo bhi kyo keval Hindu santo k bare me and hindu organisation k bare me.ha mai manta hu ki koi bhi aadmi in sab ghatnao me lipt ho sakta hai lekin sare taraf se keval HINDU COMMUNITY k bare me comment karna ye kuchh aur nahi CRISTIAN MISSIONERIS k dwara hinduo ko badnam karne k liye kiya ja raha hai.aapko bata du aaj almost sabhi print and electronic media christian and muslims missioneries k through funding ho raha hai and yadi kisi k upar koi aarop hai to ye democracy hai yaha par court hai pahle usko apna kaam karne dijiye,pahle hi kyo media khud decision dene lagti hai..ye sab please try to understand,these all are the conspiracy lead by some so called secular party and MISSIONERIS.....media and mediaperson should be the unbiased but they r doing these all things for their employer and for their personal benefit..u have raised the concern of some saint i just want to inform u that in all these incidents american agency has informed to India about all these incidents to 'pakistani Terrorist group' but Indian govt and media has ignored this and they have not published all these news on the indication of govt and missioneries......i will provide u all the details about the conspiracy in detail through mail whenever i get the free time....and don't take it personally....look at the all aspects of any news and do the research on any matter....waise good effort by u and best of luck to u.......JAI HIND......VANDE MATARAM....

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